DEPARTMENT OF JYOTISH ज्योतिष विभाग उद्देशिका वेदमूलक इस भारतीय ज्ञान की शाश्वत परंपरा के अनुसार यह समग्र ब्रह्मांड काल प्रवाह से प्रवाहित होता हुआ प्रकृति के नियमों के पालन में तल्लीन है। काल को छोड़कर कोई भी इस जगत में क्षण मात्र भी स्थिर नहीं रह सकता। काल ही अवस्था अनुसार इस सृष्टि का सृजन, पालन, एवं विनाश करता हुआ परमब्रह्म के रूप में प्रतिष्ठित होता हुआ जो वेदांग स्वरुप में प्रतिष्ठित ज्योतिषशास्त्र का मुख्य प्रतिपाद्य है। परिभाषा के अनुसार ब्रह्मांड के ग्रह नक्षत्र आदि पिंडों की गति स्थिति एवं प्रभाव के प्रतिपादक शास्त्र को ज्योतिषशास्त्र कहते हैं। यह भारतीय ज्योतिष शास्त्र अध्यात्म, ज्ञान एवं विज्ञान का एक ऐसा स्वरूप उपस्थित करता है जो किसी भी व्यक्ति को किसी भी नियम विशेष पर चलने हेतु बाध्य नहीं करता। अपितु ग्रह राशि नक्षत्रों के परस्पर संबंध द्वारा जीवन एवं इस लोक के संभाव्यमान समस्त अशुभों का ज्ञान कर वेद विहित नियमों के अनुसार प्रशमन का उपाय सूचित करता हुआ जीवन पथ को निष्कंटक एवं प्रशस्त बनाता है। यहां लोक विश्रुत भाग्य भी पूर्णतया पूर्व जन्म में अर्जित कर्मों का परिणत वर्तमान स्वरूप ही है, जो गणित एवं अंतरिक्ष विज्ञान मूलक गणनाओं पर केंद्रित सिद्धांत का प्रतिफल है। यहां हम इसका अध्ययन सिद्धांत संहिता एवं होरा इन तीन स्कंध में विभक्त कर ही करते हैं। इसके सिद्धांत स्कंध में एक ओर जहां पृथ्वी का गोलकत्व एवं अक्ष भ्रमण, शून्य का वैशिष्ट्य, परिधि व्यास का संबंध, काल की लघुतम से महत्तम इकाई, भूमि आकर्षण सिद्धांत आदि अन्य गणितीय एवं वैज्ञानिक सिद्धांतों के बीज निहित है तो वहीं संहिता में समष्टिगत फल की अवधारणा है। होरा स्कंध तो पृथक रूप में जीवनचर्या की सुख-दुख सहित विवेचन कर जन्मार्जित कर्मों की वर्तमान जीवन में उपस्थिति के स्वरूप को दिखाने वाला है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में वास्तु विद्या आदि इसके अवयव तो निसंदेह रूप में पूर्णतया हितकारी हैं। यह ज्योतिष विभाग ज्योतिषशास्त्र के वास्तविक स्वरुप के अध्ययन अध्यापन सहित इसमें अंतर्निहित विषयों के अद्यतनीकरण एवं अन्वेषण में संपूर्ण निष्ठा के साथ तल्लीन होकर महामना के परम ध्येय वाक्य ''कामये दुःखतप्तानां प्राणिनामार्तिनाशन म्'' के अनुपालन में मन क्रम वचन से संकल्पित है।
DEPARTMENTAL FACULTIES |
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PROF. CHANDRAMA PANDEY Professor & Dean Room No-26, Dept. of Jyotish, Faculty of S.V.D.V., BHU, Varanasi-5 (M) +91-9415303818 |
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PROF. CHANDRAMAULI UPADHYAY Professor Room No-24, Dept. of Jyotish, Faculty of S.V.D.V., BHU, Varanasi-5 (M) +91-9415202403 |
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PROF. RAMJEEVAN MISHRA Professor Room No-23, Dept. of Jyotish, Faculty of S.V.D.V., BHU, Varanasi-5 (M) +91-9935297127 for details click here |
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PROF. VINAY KUMAR PANDEY Professor & HOD Room No-43, Dept. of Jyotish, Faculty of S.V.D.V., BHU, Varanasi-5 (M) +91-9452197407 for details click here |
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PROF. GIRIJA SHANKAR SHASTRI Professor Room No-20, Dept. of Jyotish, Faculty of S.V.D.V., BHU, Varanasi-5 (M) +91-9450618560 for details click here |
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DR. SHATRUGHNA TRIPATHI Associate Professor Room No-43, Dept. of Jyotish, Faculty of S.V.D.V., BHU, Varanasi-5 (M) +91-9452186560 for details click here |
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DR. SUBHASH PANDEY Assistant Professor Room No-22, Dept. of Jyotish, Faculty of S.V.D.V., BHU, Varanasi-5 (M) +91-9415374432 |
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DR. SUSHIL KUMAR GUPTA Assistant Professor Room No-21, Dept. of Jyotish, Faculty of S.V.D.V., BHU, Varanasi-5 (M) +91-9430458093 @gmail.com |